सेल्स ऑर्डर › ऑर्डर कन्फ़र्मेशन की शर्तें
ऑर्डर पक्का करते समय कौन सी शर्तें तय करें
ऑर्डर के ज़्यादातर झगड़े माल को लेकर नहीं होते। वे पैसे, तारीखों और किसका खर्चा कौन देगा, इस पर होते हैं। सेल्स ऑर्डर पर कुछ साफ़ लाइनें इन्हें शुरू होने से पहले ही सुलझा देती हैं।
लिखने लायक लाइनें
| विषय | उदाहरण लाइन |
|---|---|
| एडवांस | "ऑर्डर के साथ 30% एडवांस। एडवांस मिलने के बाद प्रोडक्शन शुरू होगा।" |
| क्रेडिट | "बाकी रकम इनवॉइस के 30 दिन के अंदर। देर से पेमेंट पर 1.5% महीने का ब्याज लगेगा।" |
| डिलीवरी | "25 Nov 2026 तक डिलीवरी, अगर 6 Nov 2026 तक एडवांस मिल जाए।" |
| भाड़ा और पैकिंग | "Ex-works Ludhiana। भाड़ा और रास्ते का बीमा खरीदार का।" |
| हिस्सों में डिलीवरी | "हिस्सों में डिलीवरी हो सकती है; हर लॉट का अलग इनवॉइस बनेगा।" |
| दाम | "इस ऑर्डर के दाम पक्के हैं। GST रेट में कोई बदलाव इनवॉइस की तारीख के हिसाब से लागू होगा।" |
| कैंसल करना | "माल खरीदने के बाद ऑर्डर कैंसल नहीं होगा। कैंसल का खर्चा एडवांस में से काटा जाएगा।" |
| क्वालिटी | "कमी या टूट-फूट माल मिलने के 3 दिन के अंदर फ़ोटो के साथ बताएँ।" |
वही शर्तें लिखें जिन पर आप सच में चलेंगे। देर से पेमेंट पर ब्याज की लाइन, जो आप कभी लेते ही नहीं, बाकी शर्तों को भी कमज़ोर कर देती है। जिन शर्तों को कानूनी ताकत चाहिए, जैसे जुर्माना या लंबे कॉन्ट्रैक्ट, उनके लिए वकील से पूछें।
एडवांस और GST
जब आप सेल्स ऑर्डर पर एडवांस लें, तो ग्राहक को रसीद दें। रसीद मेकर में "एडवांस मिला" वाला टाइप है।
- सामान: आम रजिस्टर्ड बिज़नेस GST इनवॉइस के साथ देता है, एडवांस आने पर नहीं।
- सर्विस: एडवांस मिलते ही GST बन जाता है। रसीद पर एडवांस का टैक्स दिखना चाहिए, और वह उस महीने की रिटर्न में भरा जाता है।
- कंपोज़िशन डीलर और खास मामलों के अपने नियम हैं; अपने अकाउंटेंट से पूछें।
फ़ाइनल इनवॉइस पर नोट में एडवांस लिखें: "Less advance received ₹75,600 on 6 Nov 2026."
एक हल किया हुआ उदाहरण
सेल्स ऑर्डर फ़ॉर्मेट गाइड वाला जयपुर का ऑर्डर GST के साथ ₹2,52,000 का है। 30% एडवांस की शर्त पर दुकान 6 Nov 2026 को ₹75,600 देती है और उसे एडवांस की रसीद मिलती है। माल 25 Nov को ₹2,52,000 के टैक्स इनवॉइस के साथ जाता है, जिस पर लिखा है "Less advance ₹75,600, balance ₹1,76,400"। बाकी रकम 25 Dec 2026 तक देनी है, यानी इनवॉइस के 30 दिन बाद।
अगर ग्राहक ऑर्डर कैंसल करे
- सेल्स ऑर्डर का स्टेटस कैंसल करें और नोट में वजह और तारीख लिखें।
- एडवांस का हिसाब अपनी शर्तों के मुताबिक करें: पूरा लौटा दें, या तय कैंसल खर्चा रखकर बाकी लौटाएँ।
- अगर माल का इनवॉइस बन चुका था और माल वापस आता है, तो GST का एडजस्टमेंट क्रेडिट नोट से होता है, इनवॉइस डिलीट करके नहीं।
मेकर में शर्तें कहाँ लिखें
इन्हें सेल्स ऑर्डर के शर्तों वाले बॉक्स में टाइप करें। अगले ऑर्डर के लिए सेव किए गए सेल्स ऑर्डर खोलें और पुराना कॉपी करें: शर्तें साथ आ जाती हैं, और आप सिर्फ़ वही बदलें जो अलग है।